Teenage Pulsar Reveals Itself to Astronomers, Possibly the Strongest Ever to Be Identified


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खगोलविदों ने एक रोमांचक नई खोज की है। उन्होंने एक नवजात पल्सर का पता लगाया है, जो केवल 14 साल का हो सकता है। वैज्ञानिकों ने इस पल्सर को एक सुपरनोवा में विस्फोट और इससे निकलने वाली ऊर्जा के बाद देखा। सुपरनोवा में विस्फोट के कारण पल्सर बहुत पतली हो गई थी। इस खगोलीय संरचना को ‘पल्सर विंड नेबुला’ या ‘प्लेरियन’ के नाम से जाना जाता है। यह पल्सर पृथ्वी से 395 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर एक आकाशगंगा में पाया गया है। इसे पहली बार वर्ष 2018 में न्यू मैक्सिको स्थित वेरी लार्ज एरे स्काई सर्वे (VLASS) के माध्यम से एक वस्तु के रूप में देखा गया था। यह एक युवा पल्सर है, जिसकी उम्र केवल 14 वर्ष हो सकती है। यह दावा खगोल विज्ञान के प्रोफेसर ग्रेग हॉलिनन ने किया है, जो इस पल्सर की पहचान करने वाली टीम का हिस्सा थे।

हॉलिनन के पीएचडी छात्र और डिलन डोंग, जिन्होंने इस खोज में उनका समर्थन किया बताया जो हम देख रहे हैं वह एक ‘पल्सर विंड नेबुला’ है।

पल्सर एक प्रकार का न्यूट्रॉन तारा है। न्यूट्रॉन तारे तब बनते हैं जब एक मुख्य वर्ग का तारा अपने आकार और वजन के कारण संकुचित होता है। यह तब एक सुपरनोवा विस्फोट में ढह जाता है, जिसकी बदौलत पल्सर तारे बनते हैं। अभी-अभी खोजे गए न्यूट्रॉन तारे का नाम ‘VT 1137-0337’ है।

तारों से जुड़ी अन्य खबरों की बात करें तो पिछले दिनों यह पाया गया था कि हमारी आकाशगंगा यानी मिल्की वे में मौजूद तारे भी ‘कंपन’ का अनुभव करते हैं। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि मिल्की वे में तारे (या ग्रह) ‘स्टारक्वेक’ का अनुभव करते हैं। जिस प्रकार पृथ्वी पर सुनामी आती है, उसी प्रकार तारों में भी कुछ असंगति होती है। एक दावा यह भी है कि ये स्टारक्वेक इतने शक्तिशाली हैं कि ये किसी तारे का आकार बदल सकते हैं। यह खोज यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के मिल्की वे-मैपिंग गैया मिशन द्वारा की गई है।

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गैया स्पेस ऑब्जर्वेटरी द्वारा एकत्र किए गए डेटा ने इस खोज तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस वेधशाला ने लगभग दो अरब तारों का डेटा एकत्र किया था, जिसके आधार पर यह खोज की गई है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा बताया गया है कि पहले भी वेधशाला तारों में कंपन का पता लगाने में सक्षम थी। तारों में यह कंपन अपने आकार को बनाए रखने के लिए था। अब जिन झटकों का पता चला है वे सुनामी की तरह हैं।

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By PK NEWS

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